राहों के पत्थर देखे इतने के अब नहीं संभल पाता हूँ अपने पीछे चलते चलते खुद से दू…
Read moreमजदूर नहीं तो हम नहीं, आप नहीं पुल नहीं,सड़क नहीं कारखानों में भाप नहीं घर नहीं…
Read moreहिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयंप्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुक…
Read moreहो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए,.,!! आज …
Read moreमत कहो आकाश में कोहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है,.,!! सूर्य हमने भी…
Read moreआज हिंदी दिवस है १४ सितम्बर पर आपने कभी ध्यान दिया है के हिंदी इस्तेमाल कितना …
Read moreसरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में ह…
Read moreतुझसे दूर भी हूँ मैं और पास भी कहने को खुश भी हूँ मैं और उदास भी ,., न जाने क…
Read moreस्वर्ग में विचरण करते हुए अचानक एक दुसरे के सामने आ गए विचलित से कृष्ण ,प्रसन्न…
Read moreतुम लाख चाहे मेरी आफ़त में जान रखना पर अपने वास्ते भी कुछ इम्तहान रखना वो शख़्स…
Read moreRead More about bachhan sahab- http://en.wikipedia.org/wiki/Harivansh_Rai_Bachc…
Read moreरुई का गद्दा बेच कर मैंने, इक दरी खरीद ली, ख्वाहिशों को कुछ कम किया मैंने, और ख़…
Read moreओ कल्पवृक्ष की सोनजुही ! ओ अमलतास की अमलकली! धरती के आतप से जलते.. मन पर छाई…
Read moreEnjoy Winter.....! "धूंप भी खुल के कुछ नहीं कहती , रात ढलती नहीं थम जात…
Read moreमहफ़िल महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है.,., दिल ही दिल में खुद को, समझाना तो पड़ता है.…
Read moreना खोया है कुछ, न कुछ पाया है ,., एक शुन्य हूँ मै .,., जिसका कोई अस्तित्व ही नह…
Read moreरचना में क्या होता है, शब्दों का मेल., कविता क्या है, भ…
Read moreतुम अगर नहीं आई, गीत गा न पाउँगा.. सांस साथ छोड़ देगी, सुर सजा न पाउँगा.. तान भ…
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