तुझसे दूर भी हूँ मैं और पास भी कहने को खुश भी हूँ मैं और उदास भी ,., न जाने क…
Read moreदोस्ती जब किसी से की जाये दुश्मनों की भी राय ली जाये मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं मे…
Read moreबहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है न रोया कर बहुत रोने से छाती बैठ जाती ह…
Read moreहर एक चेहरे को ज़ख़्मों का आईना न कहो ये ज़िन्दगी तो है रहमत इसे सज़ा न कहो,., …
Read moreकिसी ने जहर कहा है किसी ने शहद कहा कोई समझ नहीं पाता है जायका मेरा मैं चाहता था…
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