अँधेरे चारों तरफ़ सायं-सायं करने लगे चिराग़ हाथ उठाकर दुआएँ करने लगे तरक़्क़ी क…
Read moreहमारा दिल सबेरे का सुनहरा जाम हो जाए चिरागों की तरह आँखें जले जब शाम हो जाए मैं…
Read moreकह रहा है शोरे दरिया से समुन्दर का सुकूत, जिसमे जितना जर्फ़ है उतना ही वो खाम…
Read moreक्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता तू छो…
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