Poetry Books, Poems Download All Poetry books " Ankhein Bheg Jatin Hain.By…
Read moreहिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयंप्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुक…
Read moreहो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए,.,!! आज …
Read moreमत कहो आकाश में कोहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है,.,!! सूर्य हमने भी…
Read moreवो शोख शोख नज़र सांवली सी एक लड़की जो रोज़ मेरी गली से गुज़र के जाती है सुना है…
Read moreस्वर्ग में विचरण करते हुए अचानक एक दुसरे के सामने आ गए विचलित से कृष्ण ,प्रसन्न…
Read moreरुई का गद्दा बेच कर मैंने, इक दरी खरीद ली, ख्वाहिशों को कुछ कम किया मैंने, और ख़…
Read more~~ us ne apni khushi ki khatir mere -dil- ke tukre tukre kar diye.... leki…
Read moreकोई खामोश है इतना बहाने भूल आया हूँ.,., किसी की एक तरन्नुम में तराने भूल आया हू…
Read moreमहफ़िल महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है.,., दिल ही दिल में खुद को, समझाना तो पड़ता है.…
Read moreतुम अगर नहीं आई, गीत गा न पाउँगा.. सांस साथ छोड़ देगी, सुर सजा न पाउँगा.. तान भ…
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